27 साल की उम्र में अंकिति ने महज 4 साल में खड़ी की 1 अरब डॉलर की कंपनी – जानिये कैसे किया।

Ankiti Bose success story in hindi

आज फैशन ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म जीलिंगो एक नए मुकाम पर पहुंचने वाला है। इसके यहां तक के सफर के पीछे कई पड़ाव है, इसकी सफलता की कहानी को हम आपको आज बताने जा रहे है। 

इस कंपनी की कामयाबी के पीछे 27 साल की अंकिति बोस है। यह कंपनी की फाउंडर के साथ सीईओ भी हैं, जिन्होंने जीलिंगो की शुरुआत 2014 में की थी, उस समय से ही इन्होए इसको ऊपर लाने के लिए लगातार काम किए है। जीलिंगो का हेड ऑफिस सिंगापुर में है जबकि इसकी टेक टीम बेंगलुरु में बैठती है। बेंगलुरु में स्टार्टअप के एक और को-फाउंडर ध्रुव कपूर इसके पुरे काम को देखते है।

ankiti bose Success story

इस फैशन स्टार्टअप की वैल्यू फिलहाल 970 मिलियन डॉलर है, अंकिति की कंपनी यूनिकॉर्न स्टेट्स पाने के बेहद करीब है। जब कोई कम्पनी 1 अरब डॉलर तक पहुँचती है तो उसे कंपनी को यूनिकॉर्न स्टेट्स मिलता है। इस स्टार्टअप ने अपनी वैल्यू में से 306 मिलियन डॉलर सिर्फ फंडिग से जुटाए थे। 

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अंकिति की टीम ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकन फिर भी यह इस मुकाम तक पहुंचने में सफल रही है। इनकी टीम में कुल 100 लोग हैं। अंकिति बोस (Ankiti Bose) ने 2012 में मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया था। उन्होंने बताया की एक बार जब वह बैंकॉक छुट्टियों मनाने गई थीं और वहीं उन्होंने लोगों में फैशन के लिए प्यार देखा। 

ankiti bose Success story in hindi (1)

जिसके बाद उन्होंने भारत आकर इस बारे में सोचा और उनके दिमाग में एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करने का आइडिया आया। जिसके बाद उन्होंने इस कम्पनी की शुरुआत की। कंपनी के शुरू होने के बाद यह सिंगापुर के अलावा थाइलैंड, इंडोनेशिया और फिलिपींस में भी मशहूर हो गई। अंकिति कहती हैं कि मेरे पूरे सफर में कई पुरुषों ने मेरा सहयोग किया है, जिसकी बदौलत इस मुकाम तक पहुँच पाए है। 

पिचबुक के द्वार बताये गए एक डेटा के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर देखें तो स्टार्टअप कंपनियों की फाउंडर महिला बहुत कम हैं। अधिकतर पुरुष ही है, दुनिया की 239 स्टार्टअप कंपनियों में सिर्फ 23 कंपनियों की फाउंडर महिलाएं हैं।

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