कर्म का फल एक दिन जरूर मिलता है: “बाबा का ढाबा” के कांता प्रसाद फिर गरीब हो गए हैं, पर क्या जनता अब सहानुभूति दिखाएगी?

Baba Ka Dhaba

आपने कई बार देखा होगा की कुछ लोगो को सफलता मिलने के बाद वह इतने बदल जाते है की आप उन्हें देख कर पहचान नहीं सकते। आपने एक कहावत सुनी होगी ‘बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होए’, और यह आपने बहुत बार देखा भी होगा। आज हम आपको इसी कहावत से जुड़ा एक किस्सा बताने जा रहे है।

Baba Ka Dhaba

आज हम इस आर्टिकल में आपसे कुछ समय पहले दिल्ली के मशहूर हुए “बाबा का ढाबा” के ओनर कांता प्रसाद के बारे में बात करने जा रहे है। दरसअल आप भी जानते है की कुछ महीनो पहले यह कांता प्रसाद एक यूटूबर की मदद से रातो रात फेमस हो गए थे और कुछ ही समय में इन्होने छोटे से ढाबे से एक आलिशान रेस्टोरेंट डाल लिया था, लेकिन आज कांता प्रसाद फिर से वही आगये जहाँ वह कुछ समय पहले थे।

Baba Ka Dhaba Restaurant

कांता प्रसाद को सफलता मिलने के बाद उन्हें इतना घमंड आ गया की उन्होंने जिस इंसान के दम पर सफलता मिली उस पर ही कई आरोप मंड दिए, लेकिन आज फिर वह उसी जगह पर वापस आने के बाद माफ़ी मांग रहे है, लेकिन अफ़सोस की बात है की आज उनसे किसी को भी सहानुभूति नहीं है।

कांता प्रसाद के ढाबे का वीडियो यूटूबर गौरव वासन ने ही डाला था, जिस वजह से लोगो ने जोरो शोरो से उनकी मदद की थी और कुछ ही समय में उन्हें एक आलिशान रेस्टोरेंट डाला था। लेकिन कांता प्रसाद का घमंड उन्हें फिर पीछे ले गया, कांता प्रसाद ने गौरव पर धोखाधड़ी का इल्जाम लगाया। अब उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे वह गौरव वासन से माफ़ी मांग रहे है और खुद को माफ़ करने की गुजारिश कर रहे है।

Baba Ka Dhaba

कांता प्रसाद का कहना है की, वह लड़का गौरव कभी चोर नहीं था और ना मेने कभी उसे चोर कहा। कांता प्रसाद ने कहा की में उनसे माफ़ी मांगता हु मुझसे जो भी गक्ति हुई हो, इसके आगे में और कुछ नहीं कह सकता हूँ। आज कांता प्रसाद उसी स्थिति में जिसमे वह कुछ महीनो पहले थे। आपको बता दे की इसलिए ऐसा हुआ क्योकि कोरोना की दूसरी लहर में उनका रेस्टोरेंट नहीं चला जिससे उनको भरी नुकसान हुआ और उन्हें रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। कांता प्रसाद अब अपने ढाबे पर वापस आगये है और उनका कहना है की अब में जब तक जिन्दा हु अपना ढाबा ही चलाऊंगा।

Baba Ka Dhaba

कहा जाता है ना की घमंड तो राजा रावण का भी टिक नहीं पाया है तो यह तो एक आम इंसान है। कांता प्रसाद पेसो में इतने अंधे हो गए थे की उन्होंने कुछ सोचा ही नहीं और आखिर उन्हें ठोकर खानी ही पड़ी। कांता प्रसाद ने जो गौरव के साथ किया आज उसका फल उन्हें मिल चूका है। आज वह वही वापस आगये है जहाँ वह कुछ महीनो पहले थे।

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