XXX फिल्मों को ब्लू फ़िल्म और वेश्यावृत्ति के अड्डे को रेड लाइट एरिया क्यों कहा जाता हैं? जानिए इसके पीछे की वजह।

Red Light Area

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे है की रेड लाइट एरिया और ब्लू फिल्मो यानि एक्स फिल्मो का नाम यह क्यों पड़ा। इन दोनों नामो से तो आप अच्छे से परिचित होंगे तो आईये हम आपको बताते है की इन जगहों का नाम ये क्यों पड़ा। आपकी जानकारी के लिए बता दे की रेड लाइट एरिया एक ऐसा क्षेत्र होता है जहाँ वेश्यावृति होती है और ब्लू फिल्मे वो होती है जिनमे अश्लील कृत्य होते है। आपने कई ऐसी जगहों का नाम सुना होगा तो चलिए आज हम आपको उन्ही के बारे में बताते है।

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आपकी जानकारी के लिए बता दे की साल 1894 में अमेरिका के एम्स्टर्डम में रेड लाइट डिस्ट्रिक्ट नामक एक इलाका हुआ करता था और यहाँ के वेश्याघरों में लाल रंग की लाइटे थी, यहाँ लाल रंग की लाइटों का इस्तमाल इसलिए किया जाता था। ताकि उस इलाके के बाकि घरो से वह घर हटकर दिखे और यहाँ आने वाला आसानी से आ सके, उसी के बाद से ऐसी जगहों को रेड लाइट एरिया के नाम से जाना जाने लगा।

कमाठीपुरा मुंबई – मायानगरी के नाम से जानी जाने वाली मुंबई में कमाठीपुरा सबसे चर्चित रेड लाइट एरिया है, यह सबसे पुराना रेड लाइट एरिया है।

सोनगाछी कोलकाता -यह एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया माना जाता है और इसमें कई बहुमंजिला इमारते है। यहाँ करीब 11 हजार से ज्यादा लड़कियां देह व्यापार में है।

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बुधवार पेठ पुणे – यह भी देश का एक जाना माना रेड लाइट एरिया है और यहाँ बहुत ज्यादा संख्या में नेपाली लड़कियां इस व्यापार से जुडी है।

जीबी रोड दिल्ली – दिल्ली का जीबी रोड का पूरा नाम गारस्टिन बास्टिन रोड है, यह दिल्ली का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया (Red Light Area) है। साल 1965 में इस जगह का नाम स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कर दिया है। इस जगह का भी अपना एक इतिहास हुआ करता था

Red light area name kaise pda

अब बात करे ब्लू फिल्मो की तो इसका नाम ब्लू फिल्म (Blue Film) क्यों पड़ा, आईये जानते है। कहते है पहले के दौर में फिल्मे काफी सस्ती बनती थी, लेकिन ब्लैक और वाइट फिल्मो को बनाने के लिए जिन रील्स का इस्तमाल होता था वह महंगी पड़ती थी और उसे ज्यादा समय तक यूज़ भी नहीं किया जाता था। क्योकि उसमे नीले रंग का शेड आता था, जो लोग फिल्म बनाते थे वो हॉलीवुड से सस्ते दाम में खरीद लेते थे और फिल्म शूट करते थे और जब फिल्म तैयार होजाती थी तो वो हल्की नीली दिखाई देती थी जब से इसका नाम ब्लू फिल्म पड़ गया।

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