ये आदते व्यक्ति के बुरे समय का कारण बनती है, जानिए क्या कहती है चाणक्य नीति

chanakya niti

हम अक्सर आपके लिए चाणक्य नीति की बाते बताते है, इन्होने अपनी नीतिशास्त्र में कई पहलुओं को लेकर जिक्र किया है और आज भी लोग इनकी बातो का अनुसरण करते है। आज हम आपको बताने जा रहे है की ऐसी कौन सी बाते है जो व्यक्ति के दुखो का करण बनती है। आचार्य चाणक्य सामान्य लोगो से बहुत अलग थी।

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आचार्य चाणक्य ने कम उम्र से ही वेद और पुराणों का ज्ञान ले लिया था। आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र और रणनीति के कुशल ज्ञाता थे, इन्होने अपने जीवन में कई सारे ग्रन्थ लिखे है और आज भी लोग नीतिशास्त्र को पढ़ना बहुत पसंद करते है। इनकी इस किताब में जीवन के कई पहलुओं के बारे में बताया है।

इनकी यह किताब लोगो को सफलता की रह पर जाने का मार्ग दिखाती है। आज भी कई लोग है जो इनकी नीतियों को पढ़ते है और इनकी नीतियों का अपने जीवन में अनुसरण करते है। आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति का समय कब बुरा आता है हम आपको बताते है।

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चाणक्य के अनुसार जब कोई व्यक्ति द्वारा कमाए गए पैसे किसी दुश्मन के हाथ लग जाते है तो उसे दोनों तरफ से दुःख झेलना पड़ता है। एक तो उसके पैसे जाते है और दूसरा दुश्मन उसके पैसे इस्तमाल कर लेता है।

आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी भी व्यक्ति को किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर या आश्रित नहीं होना चाहिए। दूसरे पर आश्रित होना नर्क के समान होता है और ऐसे लोगो की किस्मत हमेशा खराब होती है।

आचार्य चाणक्य के अनुसार जब किसी की पत्नी मर जाती है तो वह व्यक्ति दूसरी शादी करके जीवन बिता लेता है, लेकिन पत्नी का बुढ़ापे में मरना उसके दुर्भाग्य का कारण बनता है।

चाणक्य के अनुसार अगर कोई व्यक्ति पैसे की फ़िज़ूल खर्ची करता है तो इसका मतलब उसे पैसे की कदर नहीं है और ऐसे लोग घमंडी होते है और किसी की इज्जत नहीं करते है।

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चाणक्य के अनुसार जिस इंसान के मन में लालच और पाप होता है वह बाहर से कितना ही अच्छा हो समय आने पर अपना रंग दिखा ही देता है। ऐसे लोग से दूर रहे।

किसी भी इंसान के अंदर गुण डालने से नहीं आते, उसे अपने अंदर से गुणों का पालन करना चाहिए की वह लोगो की मदद करे और सही गलत का फैसला करे।

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