क्या डेल्टा प्लस वेरिएंटके खिलाफ प्रभावी है कोविशील्ड और कोवैक्सीन? जानें क्या है डेल्टा प्लस वेरिएंट और लक्षण।

delta plus variant

कोविड की वजह से कितने ही लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अब इस कोविड का नया वेरिएंट क्या तबाही लेकर आयेगा इसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। दुनियाभर के लोग, सरकार और विशेषज्ञों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है। डेल्टा का यह नया परिवर्तित रूप डेल्टा प्लस है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अभी कुछ समय में ही इसके 40 मामले सामने आते हैं। अब यह भी जानना अभी बाकी है कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के संक्रमण पर कोविशील्ड और कोवैक्सीन किस प्रकार हमारी सुरक्षा करती है। क्योंकि यह वायरस पुराने वायरस की तुलना में और ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

आइए जानते हैं आखिर क्या है ये डेल्टा प्लस, इसके लक्षण और क्या यह तीसरी लहर के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है।

डेल्टा प्लस वेरिएंट

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डेल्टा का यह परिवर्तित रूप डेल्टा प्लस सबसे पहले भारत में ही देखने को मिला है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार यह डेल्टा प्लस वेरिएंट अभी तक 40 लोगों की जान ले चुका है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, जम्मू और कर्नाटक इन जगहों पर इसके केस सामने आये हैं। WHO ने डेल्टा वेरिएंट को ‘वायरस ऑफ कंसर्न’ करार दिया है।

डेल्टा वेरिएंट के लक्षण

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सिरदर्द,गले में खराश और नाक का बहना यह डेल्टा प्लस वेरिएंट के आम लक्षण है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक डेल्टा प्लस काफी तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है यह फेफड़ों से चिपक कर हमारे फेफड़ों को पुरी तरह से खत्म कर रहा है। यह मोनोक्लोनल एंडीबॉडी कॉकटेल को भी मात देने में सक्षम है। शोधकर्ता प्रो. टिम स्पेक्टर के अनुसार जो व्यक्ति इस संक्रमण की चपेट में आ रहा है उसे तेज खांसी और अलग ही तरह की भावना जैसे फनी ऑफ फीलिंग का अहसास हो रहा है।

डेल्टा वेरिएंट तीसरी लहर के लिए हो सकता है जिम्मेदार

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हेल्थ एक्सपर्ट्स पहले ही सचेत कर चुके हैं कि डेल्टा भारत में तीसरी लहर के रूप में हावी हो सकता है। इससे हमारा इम्यून सिस्टम भी लड़ने में कमजोर पड़ सकता है। यही कारण है कि ये हमारे शरीर के बाकी अंगों पर प्रभाव डालकर गंभीर लक्षण छोड़ता है। इसके अतिरिक्त नया वेरिएंट स्पाइक प्रोटीन की संरचना को बदलता हैं, पर डेल्टा वेरिएंट खुद को शरीर के अंदर मौजूद होस्ट सेल्स से जोड़ने में अधिक कुशल होता हैं।

वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है कोविशील्ड और कोवैक्सीन

Covishield Covaxin

वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी है या नहीं वैक्सीन इसकी पुष्टि अभी संभव नहीं। भारत सहित विश्व के कई देशों में इस पर रिसर्च चल रहा है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय की माने तो कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों को ही डेल्टा प्लस से बचाव के लिए काफी हद तक अस्त्र के रूप में माने जा सकता है‌।लेकिन वे किस हद तक और किस अनुपात में एंटीबॉडी बना पाते हैं, इसकी जानकारी अभी पूर्ण रूप से नहीं दी जा सकती है।

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