जुलाई में आने वाली देवशयनी एकादशी और योगिनी एकादशी है बहुत ही शुभ करे इस विधि से पूजा

Ekadashi Par Kare Aise pooja

एकादशी का बहुत महत्व माना जाता है, खास कर जो एकादशी आषाढ़ मास में आती है उसका ज्यादा महत्व रहता है। आपने सुना होगा की की एक महीने में दो एकादशी होती है, जिसमे एक कृष्ण पक्ष की और दूसरी शुक्ल पक्ष की होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की अब आषाढ़ मास की एकादशी 5 जुलाई को है और यह योगिनी एकादशी है। यह बड़ी एकादशी है और इस का बहुत महत्व है इस एकादशी को करने से आप गंभीर बिमारियों से बच सकते है।

Ekadashi

इस एकादशी का व्रत विधिपूर्वक करने से कुष्ठ रोग और चर्म रोग जैसे रोगो से बचा जा सकता है। यहाँ तक की इस एकादशी को करने से पापो की भी मुक्ति मिलती है। आप तो जानते ही होंगे की एकादशी का व्रत विष्णु भगवान को समर्पित होता है और इस दिन विष्णु भगवान की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। पिले रंग का इस दिन अवश्य प्रयोग करे क्योकि भगवान विष्णु का प्रिय कलर पीला है।

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आप यह भी जानते होंगे की आषाढ़ मास की दूसरी एकादशी शुक्ल पक्ष की है और यह एकादशी भी खास है, क्योकि यह देवशयनी एकादशी है। देवशयनी एकादशी के बाद ही चतुर्मास शुरू होते है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस एकादशी को विष्णु भगवान पाताल लोक में विश्राम करने के लिए जाते है और उसके बाद अगले चार महीने तक वह आराम करते है यानि सोते है।

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इन चार महीनो के बाद भगवान का विश्राम काल पूर्ण होता है और चातुर्मास का समापन होता है। देवशयनी एकादशी 20 जुलाई की है और उसके बाद चार महीने बाद 14 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। आपने अक्सर सुना होगा बहुत लोग देवशयनी एकादशी के बाद शुभ काम नहीं करते है। एकादशी की पूजा पुरे विधि विधान से करना चाहिए। कहते है एकादशी वाले दिन सोना नहीं चाहिए बल्कि भजन कीर्तन करना चाहिए।

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