किसानों ने कीवी का नाम तक नहीं सुना था, वहाँ यह लड़की ‘Kiwi Queen’ बन कमातीं हैं लाखों रूपए।

Kiwi Queen

आज हम आपको सीता देवी की कहानी बताने जा रहे है, जिन्हे आज कीवी क्वीन के नाम से जानते है। आज वह कीवी फ्रूट के द्वारा लाखो रूपए कमा रही है, आइये जानते है इनकी इस सफलता के बारे में। 

उत्तराखंड स्थित टिहरी जिले के दुवाकोटी गाँव की सीता देवी ने परंपरागत फसलों के क्षेत्र में विदेशी फल कीवी की पैदावार को बढ़ाने की सोची। उनके कार्य को देखकर गांव वाली ने पहले इनका बहुत मजाक उड़ाया लेकिन इन्होने हार नहीं मानी आज उन्होंने जिले के किसानों को नई राह दिखाई। आज सीता देवी को गाँव में हर कोई ‘कीवी क्वीन’ के नाम से जानता है।

कैसे आया कीवी की खेती का आईडिया

Sita devi kiwi queen

तीन साल पहले तक सीता देवी अपने खेत में आलू और मटर की फसल की पैदावार कर रहीं थीं, लेकिन जंगली जानवरों और बंदरों की वजह से उनकी फसल को काफी नुकशान होता था, जिससे दुखी सीता देवी के मन में खेती छोड़ने का विचार किया। उनके पति राजेंद्र भी उन्हें यही सलाह दे रहे थे। इसी बीच उन्हें किसी ने उद्यान विभाग की कीवी प्रोत्साहन योजना के बारे में बताया जहा बताया गया की कीवी की फसल को बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते। और यदि इसकी पैदावार की जाए तो इससे फायदा भी बहुत मिलता है। इसके बाद सीता देवी ने बगैर समय गंवाए उद्यान विभाग में संपर्क किया और कीवी की खेती की जानकारी प्राप्त कर अपने बगीचे में कीवी उगाने के लिए हिमाचल प्रदेश में ट्रेनिंग भी ली और लौटकर खेतों में ऑर्गेनिक कीवी के उत्पादन की शुरुआत की।

एक क्विंटल उत्पादन के बाद अब नई फसल का इंतजार

Sita devi kiwi queen

सीता देवी की मेहनत आज काम आई हिअ, पिछले साल उनके खेत में एक क्विंटल कीवी का उत्पादन हुआ। उन्होंने यह सभी फल अपने जिले में बेचे जहा से उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ है। वर्तमान में उनके बगीचे में कीवी के 33 पौधे रोपे हैं। इस बार उनका अनुमान है की एक क्विंटल से अधिक की पैदावार हो जायेगी। 

सीता देवी से दूसरे किसान भी हुए प्रेरित

Sita devi kiwi queen

आज इनकी मेहनत को देखकर दुवाकोटी समेत क्षेत्र के अन्य किसान भी बहुत प्रेरित हुए हैं। सीता देवी ने कीवी के पौधों की देखभाल बहुत अधिक की है जिसका आज उन्हें फायदा हो रहा है। सिंचाई के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परियोजना (NRLP) के तहत उनके बगीचे में पानी के लिए टैंक बनाए गए, जिनकी क्षमता 15000 लीटर जल भंडारण की है। 

इस कार्य में उनका परिवार भी उनका हाथ बंटाता है। पति की मैक्स गाड़ी है, जो पहाड़ पर सवारी और सामान ढोती है। उसके माध्यम से ही वह अपनी कीवी को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाते है।

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