हम साथ साथ हैं संस्कारों से भरी इस फिल्म को देखकर क्या आपने यह 13 संस्कार सीखें

Hum Sath Sath Hain

हम साथ साथ हैं, एक पारिवारिक फिल्म है। जिसमें रिश्तो और भावनाओं को काफी अलग तरह से दर्शाया गया है। सूरज बड़जात्या की इस फिल्म में परिवार के महत्व को बखूबी से दिखाया गया है। जिसे देख कर ऐसा लगता है, कि यह बिल्कुल अपने ही परिवार की कहानी है। इस फिल्म से हमें बहुत कुछ सीख मिलती है, जो कि शायद किसी भी परिवार के लिए बहुत जरूरी है। ऐसे ही कुछ संस्कार और परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण बातें इस फिल्म में हमें सिखाए गए हैं। इस फिल्म में दिखाए गए कुछ बातें इस तरह है।

  1. इस फिल्म में यह सिखाया गया है, कि आपका पति आपके लिए भगवान का दिया हुआ सबसे खास तोहफा है। इसलिए हमेशा उसे झुकी नजर से देखना चाहिए क्या आपको ऐसा नहीं लगता?
  2. इस फिल्म में यह सीख दी गई है, कि आज के जमाने की तरह सुबह की शुरुआत चाय या कॉफी से नहीं बल्कि अपने परिवार के साथ भगवान की प्रार्थना करके की जानी चाहिए।
  3. इस फिल्म के अनुसार महिलाओं को पुरुषों को खाना खिलाने के बाद ही खाना खाना चाहिए। अब आप ही बताएं क्या ऐसा करना सही है, क्योंकि ऐसी बातें हम नही यह संस्कारी फिल्म कह रही है।
  4. इस फिल्म में परिवार को स्कूल से भी ज्यादा महत्व दी गई है। आपने इस फिल्म का यह गाना तो जरूर सुना होगा BCDEFGHI….JKLM इस गाने को सुनकर उस समय बच्चे इतनी जल्दी सबकुछ सीख लिए, जितनी जल्दी तो वह स्कूल जाकर भी नहीं सीख पाते हैं, क्यों हमने सही कहा ना?
  5. इस फिल्म में एक गाना है, “जन्मों के साथी हम साथ-साथ हैं।” इस गाने का अर्थ – जिंदगी में कैरियर से ज्यादा महत्वपूर्ण चीज शादी को बताया गया है। जहां जिंदगी का आधार शादी करके केवल घर बसाना है। यह हम नहीं कह रहे यह इस फिल्म के गाने बता रहे हैं।
  6. परिवार के साथ मौज मस्ती करने से अच्छा तो इस दुनिया में कोई और समय हो ही नहीं सकता क्योंकि यदि आप परिवार के साथ एक अच्छा समय बिता रहे हैं तो आपको कहीं बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। लेकिन, आजकल मोबाइल का जमाना है, जहां लोग एक घर में होते हुए भी एक दूसरे से अनजान रहते हैं।
  7. जैसे कि फिल्म दिखाएं है, हमें अपनी राष्ट्र पक्षी का आदर और सम्मान करना चाहिए। जैसे कि अगर नहीं बताते तो शायद हम लोगों को पता ही नहीं चलता।
  8. जैसे कि इस फिल्म में दिखाया है, की अच्छी और बड़े खानदानों के लोग प्यार मोहब्बत को बड़ों के सामने खुलकर नहीं दर्शाते हैं। वे तो बस एक दूसरे को देख कर दूर से ही शरमाते और इशारे करते रहते हैं। लेकिन भाई यह तो हुई पुराने जमाने की बात अब तो ऐसा बिल्कुल नहीं चलता क्यों मैंने सही कहा ना?
  9. फिल्म के अनुसार मेहमानों का आवभगत नाच और गाने के साथ होना चाहिए बाकी आप खुद समझदार हैं सोच ले इस बात पर।
  10. सबसे अच्छी बात इस फिल्म में दिखाया है की अपने भाई बहनों के लिए अपने प्यार को जताने का मौका कभी ना छोड़े।
  11. भगवान ने आपको जो दिया है, उसका शुक्रिया आप कभी अदा नहीं कर सकते। इसलिए, उनका शुक्रिया अदा करने के लिए आप अपने माता पिता का नाच गाकर धन्यवाद कर सकते हैं। क्या ऐसा करना जरूरी है?
  12. महिलाओं को शर्माना जरूरी है, क्योंकि अच्छे परिवार की लड़कियों को हमेशा शर्म का पर्दा रखना चाहिए, क्योंकि लाज शर्म ही औरतों का गहना होता है।
  13. कभी भी अपने माता-पिता के पीठ पीछे बातें ना करें, क्योंकि मां की डांट में उनका प्यार छूपा होता है। लेकिन, कभी-कभी ज्यादा प्यार भी सेहत के लिए खराब भी हो सकता है।

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