मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाना क्यों इतना ख़ास हैं? अगर नहीं जानते परंपरा तो जरूर पड़े, इसका वैज्ञानिक महत्व भी हैं।

Importance of Makar Sankranti

हर साल 14 जनवरी को हम सब मकर संक्रांति का उत्सव मनाते हैं और लड़को के साथ साथ लड़कियों को भी इस फेस्टिवल का बहुत उत्साह होता हैं। बाजार में भी इस दिन बहुत रौनक होती है लोग रंगबिरंगी पतंग उड़ाते हैं। आज के दिन लोग तिल के लड्डू और गजक खाते हैं। साथ साथ आज के दिन चावल की खिचड़ी का भी बहुत महत्व रहता हैं। बाजार में दुकाने रंगबिरंगी पतंग और मांझे से सजी होती हैं।

कहाँ – कहाँ बनाया जाता है मकर संक्रांति का त्यौहार

इस दिन को हर राज्य में बनाया जाता हैं। गुजरात में तो लोगो में इस फेस्टिवल का उत्साह बहुत देखने को मिलता हैं। वहां के लोग बहुत बड़ी बड़ी पतंगों को हवा में लहराते हैं। गुजरात के साथ साथ मध्यप्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र में भी इस फेस्टिवल का क्रेज देखने को मिलता हैं। बहुत सी जगह तो लोग फेस्टिवल आने से पहले ही पतंग उड़ाने लग जाते हैं और फेस्टिवल खत्म होने के बाद भी उड़ाते हैं और एक दूसरे की पतंग काटने की प्रतियोगिता करते हैं।

मकर संक्रांति का महत्व

क्या कारण हैं की हम ये फेस्टिवल सेलिब्रेट करते हैं। हम आज आपको बताते है की क्यों ये त्यौहार बनाया जाता हैं। वैसे तो कोई धार्मिक कारण नहीं है इसके पीछे, लेकिन इससे जुड़ा वैज्ञानिक तथ्य हैं। हर साल मकर संक्रांति ठंड़ के दिनों में आती हैं और इस मौसम में सब बीमार भी ज्यादा होते हैं। जो सूर्य की रौशनी इस दिन मिलती हैं वह कोई ओषधि से कम नहीं हैं।

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ठंड़ के दिनों में हमारे शरीर को विटामिन डी की बहुत जरूरत होती हैं जो हमे सूर्य की किरणों से पर्याप्त मिलती हैं। वैसे कहा जाता हैं की मकर संक्रांति पर धर्म पुण्य करना चाहिए। आज के दिन जो धर्म करता हैं उसे बहुत पुण्य मिलता हैं। आज के दिन गाय को चारा भी डालना चाहिए।

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