जैवलीन में दो गोल्ड जीतने वाला भारत का पहला एथलीट देवेंद्र झाझड़िया – जिसे देश ने भुला दिया।

javelina athlete devendra jhajharia

हमारे देश में कई ऐसे एथलीट है जिन्होंने देश के लिए काफी कुछ किया है, लेकिन समय के साथ उन्हें भुला दिया जाता है। उसी में एक नाम देवेंद्र झाझड़िया का है। जिसे कम ही लोग परिचित होंगे। इस एथलीट ने वो कर दिखाया, जो अब तक भारत का कोई अन्य खिलाड़ी नहीं कर पाया। 

हम आपको भारत के लिए दो गोल्ड लाने वाले देवेंद्र झाझड़िया के बारे में बता रहे है। इन्होने सितंबर 2016 में रियो, ब्राज़ील में पैरालिंपिक में भाले को फेंककर अपने देश के लिए गोल्ड जीत कर नया इतिहास लिख दिया उस तारीख़ को देवेंद्र ने पैरालिंपिक का दूसरा गोल्ड मेडल जीता। आज तक किसी भारतीय एथलीट ने ओलंपिक या पैरालिंपिक खेलों में दो स्वर्ण मेडल नही जीते हैं। इनका रिकॉर्ड अब तक कोई नहीं तोड़ पाया है। 

बचपन में मौत को क़रीब से देखा

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देवेंद्र झाझड़िया जब 8-9 साल के थे तब उन्हें तेज़ बिजली का झटका लगा था। उन्होंने अनजाने में 11,000 वोल्ट का बिजली का तार छू लिया जिससे उनका बाएं हाथ को तुरंत काटना पड़ा था। लेकिन उसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बताया की अपने आस-पास देखा तो मैंने ऐसे बहुत सारे लोगों को देखा जिनके पास दोनों हाथ या दोनों पैर नहीं थे।

देवेंद्र को स्पोर्ट्स में बचपन से रूचि थी, और उनका एक हाथ सही था। इसलिए उन्होंने भाला फेंकने के खेल को चुना। उनका कहना है की उन्होंने जैवलीन इसलिए चुना क्योंकि इस मैं एक हाथ से फेंक सकता था.” हालांकि जैवलीन में नॉन थ्रोइंग आर्म बेहद अहम है लेकिन देवेंद्र ने ये बात बेहद सहजता से कही थी। 

पहले पद्म श्री पाने वाले पैरालिंपियन

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देवेंद्र झाझड़िया को 2004 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। वहीं 2012 में उन्हें पद्म श्री से नवाज़ा गया यह भारत के पहले पद्म श्री पाने वाले पैरालिंपियन हैं। जिन्हे यह पुरुस्कार दिया गया है। 

आज देश ने इन्हे भुला दिया

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वर्तमान में दुख की बात है कि नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक जीतने के बाद, देवेंद्र झाझड़िया का नाम फिर से सुर्खियों में है। हमारे देश में स्पोर्ट्स की क्या हालत है, इससे हम सभी परिचित हैं। पैरालिंपियन्स पर कुछ वर्षों पहले ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता था। लेकिन क्या जो पहले हमारे देश के लिए गोल्ड ला रहे है, उन्हें हम भूलते जा रहे हैं। यह सोचने की बात है।

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