बर्फ में दबा पड़ा मिला 25 साल बाद ITBP जवान का शव, वजह हैरान करने वाली।

ITBP Greenboots Story

हम सभी जानते है की, दुनिआ की सबसे खतरनाक व ऊँची चोटी में माउंट एवेरेस्ट का नाम सबसे पहले आता है। यहा पर हर साल कई लोग जाते है और उसे चढने की कोशिश भी करते है। यहा पर जाने के लिए इंसान की हेल्थ के साथ-साथ उसका मेन्टल हेल्थ भी स्ट्रांग होना बहुत जरुरी होता है।

यहा पर आज भी आने वालो की कई लाशे पड़ी हुई है और उन्हें देखो तो ऐसा लगता है मानो वह चैन की नींद सो रहे हो, बर्फ होने के कारण उनके शरीर में ज्यादा फर्क नही आता है।

Green boots story in hindi

इतनी ठंड में ऐसी लाशो का पहचान पाना मुश्किल होता है तो उनके पहने हुए कपड़े व जूतों से ही उनकी पहचान की जा सकती है। इसी तरह आज हम आपको बताने जा रहे है, की यहा पर एक 25 साल बाद जवान की लाश मिली है, जिसकी तस्वीरे इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वाइरल हो रही है।

आपको बता दे की कुछ सालो पहले यहा ITBP का एक जवान का, जो माउंट एवरेस्ट पर चढ़ा तो सही लेकिन लौटकर नहीं आया उसकी मौत वही हो गयी थी। इतना ही नहीं इसके बाद इस शख्स की लाश अभी तक एवरेस्ट पर ही पड़ी हुई थी और वर्तमान में इन्हें ‘ग्रीन बूट्स’ के नाम से जाना जाता है।

Green boots of Mount Everest

आपको बता दे की इस जवान की तस्वीर को इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। रिपोर्ट्स की माने तो माउंट एवेरेस्ट पर कई शव पड़े है जिनकी पहचान आज तक नहीं हो पाई लेकिन एक शव ऐसा है जिसको पहचान पाना एक दम आसान है।

जिसकी लाश इसमें मिली है। उसका नाम शेवांग पलजोर है, और इस शख्स की पहचान इसलिए मुमकिन हुई क्योकि उसके द्वारा पहने गए हरे रंग के जूते काफी फेमस थे। दरअसल लोग उस शख्स को ग्रीनबूट्स के नाम से भी पहचानते हैं।

Secrets of ITBP Soldier Green boots in hindi

यह एक भारतीय पर्वतरोही है जो 10 मई 1996 को अपने कुछ दोस्तों के साथ माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए निकले थे। जिसमे काफी जोरों का तूफान उठा था जिसके चलते उनकी मौत हो गई और वह वही दब गये थे।

आपको बता दे की इनका 25 सालों से शव बर्फ में दबा हुआ है। आज इनका शरीर लोगो को पर्वत पर जाने का रास्ता बताने के काम में आ रहा है। इस मामले में शेवांग की माँ का कहना है कि आईटीबीपी ने कभी भी उनके बेटे को लेकर उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी। उन्हें सिर्फ इतना ही बताया गया था कि उनका बेटा लापता हो गया है, उन्हें यह नही बताया की उनका बेटा बर्फ में दब गया है। उनके बेटे के लिए उन्होंने कई बार आईटीबीपी के ऑफिस के चक्कर भी लगाये है। लेकिन कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि उनका बेटा माउंट एवरेस्ट से लौटा ही नहीं और इतने वर्षो के बाद उनके बेटे का शव मिला है।

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