झारखंड के सीएम ने मोदी को लेकर किया ऐसा ट्वीट कि, सोशल मीडिया पर हो गया बवाल।

Jharkhand CM on PM

जिस प्रकार से कोरोना की दूसरी लहर देश में हालात ख़राब कर रही हैं। उसको देखते हुए केंद्र सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए अपना पूरा ध्यान दे रही हैं। और इसी के कारण पीएम मोदी आए दिन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा कर रहे है। और उनकी जरुरत को जान रहे है। इसी सिलसिले में गुरुवार को आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से कोरोना की स्थिति को लेकर चर्चा की। जिसके बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीएम मोदी से चर्चा के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। जिसके बाद से ही राजनितिक माहौल गर्म होता दिख रहा हैं।

आज ही स्थिति में देखा जाए तो मानवता की रक्षा से बड़ा कोई और काम नहीं हैं। और इस दौरान राज्य सरकारें केंद्र को नीचा दिखाते हुए नजर आ रही हैं। जो की एक तरह से सही नहीं हैं। हैरान करने की बात है की झारखंड के मुख्यमंत्री से पीएम ने राज्य में कोरोना के हालात को जानने के लिए बात की। जिसके बाद हेमंत सोरेन ट्वीट करते हुए कह रहे हैं की “बेहतर होता की प्रधानमंत्री काम की बात करते और काम की बात सुनते, लेकिन उन्होंने तो अपने सिर्फ़ मन की बात की।”

जैसे ही हेमंत सोरेन का ट्वीट चर्चा में आया भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने हेमंत सोरेन पर हमला बोलते हुए उनकी आलोचना कर दी। जिसमे झारखंड के पूर्व सीएम और झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी ट्वीट किया और कहा की “हेमंत सोरेन एक फेल मुख्यमंत्री हैं। गवर्नेंस में फेल है। कोविड से लड़ने में फेल हैं। लोगों को मदद करने में फेल हैं। अपनी असफलता छिपाने के लिए वो अपने ही ऑफिस की मर्यादा कम कर रहें। जाग जाइए और काम करिए, मिस्टर सोरेन! घड़ी की सुई टिक-टिक कर रही है।”

जिसके बाद असम के भाजपा नेता और राज्य के पूर्व सीएम हेमंत बिस्वा सरमा ने भी अपना मोर्चा खोलते हुए कहा की सोरेन ने पद की गरिमा को खो दिया हैं। इसके साथ ही ट्वीट करते हुए कहा की “आपका यह ट्वीट न सिर्फ़ न्यूनतम मर्यादा के खिलाफ है बल्कि उस राज्य की जनता की पीड़ा का भी मज़ाक उड़ाना है, जिनका हाल जानने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी ने फ़ोन किया था।”

पत्रकार ने भी दी अपनी प्रतिक्रिया

जिसके बाद टीवी पत्रकार नाविका कुमार ने भी हेमंत सोरेन के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा की – “क्या वाकई में इसे अभी आना था? कि महामारी के इस दौर मे प्रधानमंत्री राज्य में कोविड के हालात जानने के लिए सीएम को कॉल करते है तो क्या एक सीएम ये कहता है? क्या उनकी शालीनता मर चुकी है? क्या सम्मान/शिष्टाचार नहीं बचा है? क्या तुच्छ दिखावा ज्यादा मत्वपूर्ण है मानव जीवन से? पीएम को कोसा गया सहायता करने के लिए? चौंका देने वाला है।”

कांग्रेस नेता ने भी दी अपनी प्रतिक्रिया

Pavan Kheda

जिसके बाद कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने भी सोरेन के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कहा की – “यह एक गम्भीर चिंता का विषय है कि ऐसे नाज़ुक समय में भी प्रधानमंत्री सिर्फ़ बोलना चाहते है, सुनना नहीं।”

बता दे की कुछ दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी पीएम की मीटिंग को लाइव किया था जिसके बाद उन्होंने भी अपनी गलती मानते हुए माफ़ी मांगी थी। इन सब में सबसे बड़ा सवाल यह है की क्या देश के जिम्मेदार नेताओं को आपस में लड़ना चाहिए या फिर अभी देश की इस महामारी से रक्षा करनी चाहिए। देश जिस स्थिति में है उस स्थिति में यह सब शोभा नहीं देता हैं। बात करते है हेमंत सोरेन जी की वो कहते है पीएम सिर्फ अपने मन की बात करते है तो हेमंत जी आप भी तो अपना काम अच्छे से करिये जिस तरह से आपके राज्य में मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है वह बहुत ही चिंता जनक हैं। आपके लिए अभी आपके राज्य के लोगो की रक्षा करना बहुत जरुरी है। न ही आपस में लड़ना।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top