Viral Video : मां का सपना पूरा करने दो बेटे 100KM दूर आए; कंधे पर बैठाकर पहाड़ों पर चले – और आखिरी में माँ को दिखाया ऐसा नजारा…

Mother Elikutty Paul

बच्चे जब छोटे होते हैं तो मां-बाप उनकी हर ख्वाहिश को पूरा करते हैं और वही जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो मां-बाप भी उनसे अपेक्षा रखते हैं कि बच्चे उनकी इच्छाओं को पूरा करें। ऐसा ही कुछ एक दिल छू लेने वाला वीडियो केरल के दो पुरुष और उनकी बूढ़ी मां का देखने को मिल रहा है। जहां मां अपने पड़ोसी जिले में खिलने वाले एक दुर्लभ फूल को देखना चाहती थी। जिसके लिए दोनों बेटों ने उनकी ख्वाहिश को पूरा करने के लिए एक खड़ी पहाड़ी पर चल गए।

महिला देखना चाहती थी दुर्लभ फूल

emotional Viral Video

87 वर्षीय इस महिला का नाम एलिकुट्टी पॉल बताया जा रहा है। महिला को उम्र संबंधित बीमारियां है जिसकी वजह से वह ठीक ढंग से ऊंचाई हो या पहाड़ियों पर नहीं चल सकती। लेकिन महिला की इच्छा थी कि वह इडुक्की के पड़ोसी जिले जिले में खिले फूल नीरकुरंजीनी को देखना चाहती थी। इस सपने को महिला के दोनों बेटों ने पूरा किया।

जीप से करीब 100 किलोमीटर का तय किया सफर

अपनी मां की इच्छा को पूरा करने के लिए उनके बेटे रोजन और सत्यन ने जीप से मुन्नार के पास काली पारा पहाड़ियों तक पहुंचने के लिए करीब 100 किलोमीटर की यात्रा की लेकिन उसके बाद उन्हें पता चला कि पहाड़ी की चोटी पर चढ़ने योग्य सड़के नहीं है फिर दोनों बेटों ने अपनी बुजुर्ग मां को कंधों पर उठा लिया और डेढ़ किलोमीटर की चढ़ाई की और अपनी मां को नीलकुरिंजी फूल को दिखाया। इस फूल को लेकर यह दावा है कि यह 12 साल में एक बार एक विशेष क्षेत्र में ही खिलता है।

कहा-कहा खिलता है यह फूल

सबसे प्रसिद्ध नीलकुरिंजी खिलने वाला स्थान इडुक्की जिले का मुन्नार हिल स्टेशन है। मुन्नार में अगला नीलकुरिंजी खिलना 2030 में ही होगा. लेकिन अगर आप इस दुर्लभ घटना को देखने के लिए 2030 तक इंतजार नहीं करना चाहते हैं, तो चिंता न करें. 2018 से, नीलकुरिंजी तमिलनाडु के कोडाइकनाल, कर्नाटक के कोडागु और केरल के पूपरा में खिले हैं। इस साल कर्नाटक के चिकमगलूर और केरल के कालीपारा में नीलकुरिंजी खिले हैं। इडुक्की जिले में मुन्नार के पास काल्लीपारा गांव है, और नीलकुरिंजी खिलने तक पर्यटन मानचित्र पर भी नहीं था।

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