आखिर क्यों सिर्फ एक रात के लिए ही करते है किन्नर शादी, जानिए इसका रहस्य।

Kinner Marriage Life

किन्नर, ये शब्द छोटा है लेकिन कुछ लोग इसे बहुत बड़ा कर देते है। कई लोग किन्नरों को बहुत ही अलग नजरिये से देखते है, आपने अक्सर देखा होगा की किन्नर ज्यादातर किसी की शादी या फिर कोई नए जन्मे हुए बच्चे की सुचना मिलने पर आते है। ये लोग ऐसे शुभ मोके पर आकर नए विवाहित जोड़े और बच्चे के जन्म पर बच्चे को बहुत सारि दुवाए और आशीर्वाद देते है। आप नहीं जानते होंगे की किन्नरों के बारे में ग्रंथो में भी लिखा हैं।

Kinner

आज हम आपको जो बताने जा रहे है वो आपने पहले शायद ही कभी सुना होगा। क्या आपने सुना है की किन्नरों की शादी भी होती है, जी हाँ ये बिलकुल सही है किन्नरों की शादी भी होती है। आईये हम आपको बताते है की किन्नरों की शादी कैसे और क्यों होती है। आप इतना तो समझ ही गए होंगे की इनके विवाह की रस्मे भी अलग ही होती है।

Kinner Marriage Life

आपकी जानकारी के लिए बता दे की किन्नरों का विवाह खाली एक रात का होता है। यह विवाह सिर्फ एक रात का होता है और एक रात में ही ये किन्नर सुहागन से विधवा हो जाते है। आपको बता दे की ये अपने भगवान से ही शादी करते है और फिर विधवा बन जाये है और विलाप करते है।

Araval Devta

किन्नरों में भगवान अर्जुन और नाग कन्या उलूपि की संतान इरावन जिन्हें अरावन के नाम से भी जाना जाता है और मंदिर के पुजारी इनको मंगलसूत्र पहनाते है। अगर आपको किन्नरों का विवाह देखना है तो आपको तमिलनाडु जाना पड़ेगा क्योकि हर नव वर्ष में पहली पूर्णिमा को किन्नरों का विवाह रचाने का कार्यक्रम होता है। यह कार्यक्रम 18 दिन तक चलता है। 17 वे दिन इनका बियाह रचाया जाता है।

Kinner Marriage

उसके दूसरे दिन ये विधवा हो जाती है और विलाप करती है और उसके बाद ये सब जश्न बनाते है। फिर भगवान इरावन को पुरे शहर में घुमाते है और फिर भगवान की मूर्ति को तोड़ देते है और किन्नर अपना श्रृंगार उतार देते है और विधवा की तरह जिंदगी जीते हैं।

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