रिलायंस ने प्रदूषण से बचने के लिए निकाला अनोखा तरीका, हो गई व्यवसाय की शुरुआत।

Mukesh Ambani

बड़े इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स पर आपको कई तरह की समस्याओ को देखने को मिलता है, लेकिन कभी अपने यह सुना है की समस्या को ठीक करते करते नया व्यवसाय शुरु हो गया हो। बड़े प्रोजेक्ट पर ज़मीन, पानी और मजदूर आदि को लेकर कई समस्याएं सामने आती ही है। हम आपको आज एक ऐसी इंडस्ट्री के बारे में बताने जा रहे, जिसने खड़ी हुई समस्याओं को ही अपने लिए व्यापर का नया रास्ता बना लिया है। हम बात कर रहें गुजरात के एक बड़े इंडस्ट्री की जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठा क़दम उठाया और उसकी वजह से उन्हें अच्छे पैसे भी मिलने लगे, आइये हम आपको इनकी पूरी कहानी बताते है।

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मुकेश अंबानी की बहुराष्ट्रीय कंपनी- रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड आज कई क्षेत्रों में काम कर रही है, आज यह कंपनी पेट्रोलियम के उत्पादन और दूरसंचार तक ही यह कंपनी सीमित है। बल्कि वह अब एशिया में आमों के सबसे बड़े बाग के मालिक होने का भी दावा कर रही है। जी हां, यह सुच है आप सोचे थे होंगे की यह कम्पनी कब शुरू हुई है, तो हम आपको बता दे की रिलायंस और आम के बाग़ से जुडी कहानी काफ़ी दिलचस्प है।

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यह कहानी नब्बे के दशक के उत्तरार्ध की है। वर्ष 1997 में, कंपनी जामनगर में अपनी रिफाइनरी प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी, जहा होने वाले भारी प्रदूषण को लेकर चिंतित थी। जिसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से कई बार उन्हें चेतावनियाँ भी मिल रही थी। ऐसे में रिलायंस समूह ने महसूस किया कि इस समस्या को हल करने के लिए कुछ करना चाहिए, रिलायंस ने प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए रिफाइनरी के पास ही स्थित जगह पर आम का बाग बनाने पर विचार किया, जिसे पेड की बढ़ती हुई संख्या से प्रदूषण को कम किया जा सके। रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी के पास की बंजर भूमि को तब हरित पट्टी में तब्दील किया गया, और वहां 200 से अधिक प्रजातियों की आम की किस्मो को यहां लगाया गया। इस बाग में करीब 1.3 लाख पौधे लगाए गए, जो आज सभी बड़े हो गए है।

Mukesh Ambani Dhiru Bhai Ambani

रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के नाम पर इस बाग का नाम “धीरूभाई अंबानी लखीबाग अमराई” रखा है। रिलायंस कम्पनी का प्रदूषण से बचने का यह फॉर्मूला उन्हें काफी लाभ भी देने लगा है। आज यह आम का बाग 600 एकड़ की भूमि में फैल गया। बता दें कि बड़ी हरित पट्टी के लिए पानी कंपनी के विलवणीकरण संयंत्र से आता है, यह पानी समुद्री जल को शुद्ध करता है उसके बाद उपयोग किया जाता है। इस बाग में कई तरह की आम की किस्में देखने को मिलेगी जिसमे, केसर, अल्फांसो, रत्ना, सिंधु, नीलम और आम्रपाली जैसी किस्मों के आम पाए जाते है।

आज इस बाग़ के आम फ्लोरिडा, अमेरिका से टॉमी एटकिंस और केंट और इज़राइल जैसे बड़े देशो में भी भेजे जाते है, और कम्पनी इसके माध्यम से अच्छा पैसा कमाती है। यहां से कंपनी हर साल किसानों को 1 लाख मुफ्त पौधे भी वितरित करता है, जिससे पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पौधे लगाए जा सके ।

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