नीरज चोपड़ा ने मिल्खा सिंह को समर्पित किया गोल्ड मेडल, कहा – उनका सपना हुआ साकार

neeraj chopra milkha singh

भारत के लिए टोक्यो ओलंपिक 2020 में गोल्ड मेडल लाने वाले एथलीट नीरज ने अपना मेडल एक महान धावक स्वर्गीय मिल्खा सिंह को समर्पित किया है। नीरज का कहना हैं कि मिल्खा सिंह जी का सपना था कि स्टेडियम में भारत का नेशनल एंथम बजे और उनका सपना आज साकार हो गया।

Neeraj Chopra Javelin throw Video

मिल्खा सिंह के बारे मे बात करें तो अभी कुछ महीनों पहले जून 2021 में उनका निधन हो गया था। वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। असल जिंदगी में कभी हार ना मानने वाले मिल्खा सिंह 91 साल की उम्र में एक महीने तक लड़ाई लड़ने के बाद कोविड से हार गए थे। 1960 के ओलंपिक खेलों में वह मेडल लाने से चूक गए थे और चौथे स्थान पर रहे थे।

नीरज ने किया मिल्खा सिंह का सपना पूरा

नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतने के बाद कहा, “मिल्खा सिंह स्टेडियम में नेशनल एंथम सुनना चाहते थे। वह अब हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन उनका सपना पूरा हो गया है।” इस पर मिल्खा सिंह के बेटे जीव ने ट्वीट कर लिखा, “पापा ने इस पल के लिए कई सालों तक इंतजार किया है। उनका सपना आखिरकार भारत के पहले एथलीट मेडल के साथ सच हो गया। मैं इसको ट्वीट करते हुए रो रहा हूं। और मैं पक्का जानता हूं कि पापा भी ऊपर रो रहे होंगे। धन्यवाद इसको साकार करने के लिए। आपने ना सिर्फ एथलेटिक्स में पहला मेडल जीता, बल्कि उसको मेरे पिता को समर्पित भी किया। मिल्खा फैमिली इसके लिए आपकी आभारी है।”

एथलेटिक्स मे 100 साल से हो रहे इंतजार को खत्म करते हुए जैवलिन थ्रो में नीरज ने देश को गोल्ड मेडल दिलाया। इसके पहले अभिनव बिंद्रा ने साल 2008 बीजिंग ओलंपिक में निशानेबाजी मे देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर का थ्रो फेंका जिसके आसपास बाकी एथलीट्स भटक तक नहीं सके। नीरज के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के लिए पूरे देश में उनकी जय-जयकार हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
error: Please do hard work...