ऑक्सीजन लेवल बनाए रखने के लिए कपूर, लौंग, अजवाइन सूंघना होता हैं लाभदायक – जाने इसके पीछे की सच्चाई।

कोरोना महामारी से इस समय पूरा देश बुरी तरह जूझ रहा हैं। हर तरफ कोरोना मरीजों की खबर मिल रही हैं। पिछले 24 घंटे में भारत में कोरोना के 3 लाख 15 हज़ार से भी ज्यादा नए मामले आए हैं। और सरकार सभी लोगो से विनती कर रही है की सब अपने अपने घर में ही रहे। जान से ज्यादा जरुरी काम हो तो ही घर से बहार निकले। मास्क लगाए और हाथ को समय-समय पर धोए।

बता दे की कोरोना के केस बढ़ने से भारत में दवाइयों और ऑक्सीजन का भी उपयोग बढ़ गया है और उत्पादन कम है जिसकी वजह से बहुत सारे लोगो को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही हैं। बहुत परेशान होना पढ़ रहा हैं। इसी के बीच सोशल मीडिया पर एक घरेलु नुस्खा बहुत वायरल हो रहा हैं। जिसमे कपूर, लौंग, अजवाइन और निलगिरी का तेल सूंघने को बोला जा रहा हैं।

आपको बता दे की खुद मंत्री मुख़्तार अंसारी ने भी सोशल मीडिया पर ये नुस्खा शेयर किया है। और लोगो से अपील की है की वह अपने साथ कपूर,लौंग, अजवाइन और नीलगिरि का तेल मिला कर एक पोटली बना ले और अपने पास रखे। जिसे समय-समय पर सूंघे। जिससे की शरीर में ऑक्सीजन लेवल बना रहे। इसके साथ ही उन्होंने ये भी लिखा की काफी सारी एम्बुलेंस भी यह रख रही हैं।

कितना सच है इस पोटली का दावा

कुछ दिनों से जब से देश में ऑक्सीजन की किल्लत हुई है तब से सोशल मीडिया पर इस पोटली का काफी जिक्र हो रहा हैं। और लोगो से अपील की जा रही है की वह अपने साथ इस पोटली को रखे और समय-समय पर काम के बीच में इसे भी सूंघते रहे। लेकिन इसी बीच कुछ लोग यह भी बोल रहे है की यह नुस्खा घातक भी साबित हो सकता हैं। और कई दूसरे रोग भी लग सकते है। और इन चीज़ों पर कई सारे शोध भी किये गए है और बताया गया की इसका कोरोना वायरस से कोई लेना-देना नहीं हैं।

अगर साइंस की माने तो कपूर एक ज्वलनशील पदार्थ है जो की हम भी भली-भाती जानते हैं। कपूर में सफ़ेद क्रिस्टल होते है और जिसे तेज सूंघना होता हैं। जो की दर्द और खुजली में कारगर होता हैं। आपको बता दे की कपूर बंद नाक को भी खोल देता हैं। जिसके कारण इसका थोड़ी मात्रा में विक्स बनाने में किया जाता हैं। लेकिन देखा जाए तो यह भी किसी स्टडी में मौजूद नहीं है की कपूर बंद नाक को खोल देता हैं। और अभी तक ये दावा भी सच साबित नहीं हुआ हैं की इसे सूंघने से शरीर में ऑक्सीजन का लेवल बढ़ता हैं। वहीं गैरऔषधीय कपूर को नुकसानदायक माना जाता हैं।

अब अगर देखा जाए तो लौंग, दालचीनी, जायफल और तुलसी में यौगिक युजेनॉल मौजूद होता है। जो टोक्सिसिटी का कारण हैं। और लौंग की बात की जाए तो उसमे भी ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने की क्षमता होती है ये भी आज किसी स्टडी में नहीं हैं। इसी तरह अगर बात की जाए अजवाइन और नीलगिरि के तेल की तो इनको लेकर भी अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं हैं। जिसमे यह दावा किया जा सकता हो की यह ऑक्सीजन लेवल बढ़ाते हैं।

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