राजकुमारियों के साथ दी जाने वाली दासियों से क्या कार्य करवाए जाते थे ?

Rajkumari ke sath aane wali daasi

दुनिया का कोई भी कोना हो हर राजा महाराजाओं के पास बड़ी संख्या में दास और दासियाँ होती थी और दासो के द्वारा राज्य के प्रतिदिन के दिनचर्या के कार्य को कार्यान्वित किया जाता था। आपने सुना ही होगा की जब कोई राजा किसी दूसरे राज्य पर हमला करके उसे हरा देते थे तो उस राज्य की सम्पति पर उसका अधिकार हो जाता था।

यहाँ तक की हिन्दू हो या मुस्लिम राजा, महल की स्त्रियों की शिक्षा की व्यवस्था महल में ही की जाती थी। कहा जाता है राजा और रानियों के साथ जो दासियाँ लगायी जाती है वह अत्यंत सुशिक्षित, युद्ध कला में निपुण,सुन्दर होती थीं, जिससे राजकुमारियों पर प्रभाव पड़े। जब युद्ध में कोई राजा हार जाता है तो उसके महल की बेशकीमती चीज जीते हुए राजा के महल में भेज दी जाती है।

Rajkumari ke sath aane wali daasi kya kaam karti hai

इसी साथ युद्ध में हारे हुए हिन्दू राजा के परिवार के पुरुष सदस्यों को या तो छोड़ देते है या फिर कारागार में डाल देते है और रानियों को अपने हरम में रख देते थे इसके विपरीत मुस्लिम राजा हारे हुए राजा के पुरुष सदस्यों को जनता के सामने दर्दनाक मौत देते थे जिससे लोगो की रूह काप जाती थी।

Daasiya

राजपरिवार की दासियो से लेकर रानी तक को राजदरबार में सुल्तान के फरमान पर बुलाया जाता था और उन्हें सुल्तान की सेवा में लगा दिया जाता था और बचे हुए घुड़सवारों, पैदल सेना में बाँट दिया जाता था। राजकुमारियों के विवाह के बाद उनके साथ एक या दो बहादुर, बुद्धिमान दासियों को भेजा जाता था जो राजकुमारी के जीवन की रक्षा कर सकें क्योंकि राजपरिवार में षड्यंत्र बहुत रचे जाते थे।

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