रामसेतु का अबतक का सबसे बड़ा सच आया सामने – अब NASA ने भी माना रामसेतु का लोहा।

Ram Setu

हम सभी ने देखा है की, 11 दिसंबर 2017 टाइम रात्रि के 10:10 वैज्ञानिकों ने पूरे विश्व के चैनलों पर रामायण के राम सेतु का एक वीडियो दिखाया है। जिसमें नासा द्वारा लिए गए रामसेतु का सेटेलाइट के द्वारा एक वीडियो बनाया गया था। जब यह वीडियो दुनिया ने देखा तो सबके होश उड़ गए पूरी दुनिया की दृष्टि भारत और श्रीलंका के बीच बने रामसेतु पर टिकी हुई थी। इस मुद्दे को लेकर भारत में सालों से बात चल रही थी तो नासा ने इस मुद्दे पर पूर्ण विराम लगा दिया था। लेकिन आज हम आपको इसके बारे में विशेष जानकारी देने जा रहे है। 

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माना जाता है की रामसेतु को नल और नील ने 5 दिन में बनवाया था ऐसा कहा जाता है कि इसका निर्माण चूने और पत्थर से किया गया ये 30 किलोमीटर लंबा और 3 किलोमीटर चौड़ा बनाया गया है। यह भारत द्वीप के पुम्बन धनुषकोड़ी से शुरू होकर मन्नार द्वीप पर खत्म हो जाता है। इन जगहों पर समुद्र बहुत ही बड़ा है। इस पुल को पत्थरों से बनाया गया था जो नल और नील के छूने से ही समुद्र में रुक जाते थे समुद्र के अंदर इन चट्टानों लेकिन वर्ष 1480 में यह एक तूफान के कारण टूट गया था, तो आपको बताते हैं नासा के वैज्ञानिक रामसेतु के बारे में क्या कहते हैं।

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डिस्कवरी कम्युनिकेशन में इनशियकलैंड के ब्रिज का प्रोमो कराया गया था, जिसमे रामेश्वरम से पुम्बन द्वीप से मन्नार द्वीप 30 मीटर से अधिक लंबाई की एक चट्टान बनी हुई है जो कि सात हजार सालों पुरानी है। इसमें बताया गया है, की उनके ऊपर जो पत्थर उनको किसी ने बहुत दूर से लाकर यहां पर रख दिया था। यहां की रेत करीब चार हजार साल पुरानी है। इसमें बताया गया की नासा के द्वारा दिखाई गई तस्वीरों के हवाले से कहा गया है कि यहां की चट्टाने।

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वैज्ञानिकों ने वाल्मीकि रामायण के सहारे लिखे हुए काल की पैरोलिटम सॉफ्टवेयर की सहायता से उस काल के समय का पता लगाया गया तो यह अवधि करीब सात हजार सालों पहले की बतायी गई। इसमें समय समय पर आने वाले समुद्र में हो रहे जलस्तर के बदलावों की गणना की गई तब या पता चला कि तब से लेकर अब तक समुद्र का जलस्तर 3 मीटर अधिक बढ़ गया है।

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रामसेतु के पत्थर पहले इतने नीचे नहीं थे, उस समय पत्थर तब सतह से ऊपर पाए जाते थे और एक पुल की तरह दिखते थे। इन सभी सबूतों और इतिहास के प्रमाणों के मुताबिक यहां पर एक पुल था यह कहना गलत नहीं है।

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