7 साल बाद शुक्रवार और शरद पूर्णिमा का संयोग, फिर करना होगा 2033 तक इंतजार

Sharad Purnima

Sharad Purnima Special: 30 अक्टूबर 2020, शुक्रवार को देश भर में शरद पूर्णिमा बनाई जाएगी। अश्विनी महीने की शरद ऋतु में आने वाली पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा बनाई जाती हैं। ऐसा माना जाता हैं की जब समुद्र मंथन हुआ था तब शरद पूर्णिमा के दिन ही देवी लक्ष्मी प्रकट हुई थी। जिसकी वजह से शरद पूर्णिमा को लक्ष्मी जी के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता हैं। और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती हैं।

क्यों हैं इस बार शरद पूर्णिमा इतनी खास?

सात साल बाद 2020 में अश्विन महीने के शुक्रवार को पूर्णिमा आई हैं जिसके कारण इस बार शरद पूर्णिमा पर विशेष योग बन रहे हैं। इसके पहले 18 अक्टूबर 2013 को शुक्रवार को पूर्णिमा आई थी जिस पर ऐसा संयोग बना था। और अब ऐसा संयोग 2033 में यानी की 13 साल बाद ऐसा योग बनेगा। शुक्रवार को पूर्णिमा होने के कारण इसका लाभ योग ओर बढ़ जाएगा। यह भी बता दे की इस बार का चंद्रोदय सवार्थसिद्धि और लक्ष्मी योग में हो रहा हैं, जिससे इस दिन पर लक्ष्मी पूजन का महत्व बढ़ जाता हैं।

किन पांच शुभ योगों से उदय होगा चंद्रमा?

इस वर्ष शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा का उदय 5 शुभ योगों में होगा। जिसकी मान्यता हैं की इस वर्ष पूर्णिमा तिथि, वार और नक्षत्र से मिलकर सवार्थसिद्धि योग बन रहा हैं। इस योग में किए गए सभी कार्य सिद्ध होते हैं और मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। जिसके साथ ही लक्ष्मी, शंख, महाभाग्य और शश नाम के 4 राजयोग बनने जा रहे हैं जिससे इस बार शरद पूर्णिमा का दिन और भी खास रहेगा। इसके साथ ही शरद पूर्णिमा पर बृहस्पति और शनि का अपनी – अपनी राशियों में रहने से शुभ संयोग हैं।

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