16 साल की उम्र में पिता से लिया 25 हज़ार का कर्ज और कर ली 900 मिलियन डॉलर की कंपनी।

turakhia brothers story

आपने अक्सर सुना होगा की लोगो की किस्मत बदलने में कभी कभी बिलकुल समय नहीं लगता, बस प्रयास सही दिशा में करते रहना चाहिए। आपने सुना ही होगा “कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती”। निरंतर प्रयास करने से हमेशा इंसान को अपनी मंजिल मिल ही जाती है। आज हम आपको ऐसे ही दो भाइयो की कहानी बताने जा रहे है।

यह दोनों भाई मुंबई के रहने वाले है और इन्होने बहुत ही कम उम्र में इतनी ऊंची सफलता हासिल की है, जिसे देख कर आप सब हैरान हो जायेंगे। तो आईये हम आपको बताते है। आज इन दोनों भाइयों की गिनती देश के रईस लोगो में की जाती है। इनके पास चार्टेड प्लेन से लेकर दुनिया की बड़ी बड़ी महंगी गाड़ियां है और करोडो रुपये के आलिशान बंगले भी है।

दोनों के पास है 10-10 करोड़ की निजी संपत्ति।

Turakhia Brothers success story

इन दोनों भाइयों ने अपने करियर में एक दर्जन से कंपनियां खड़ी की है जिसमे पांच कंपनी बेच कर ये भारत के अमीर लोगो की गिनती में आते है। इन दोनों का नाम दिव्यांक तुरखिया और भाविन तुरखिया है और इनके पास दस दस करोड़ की निजी सम्पतियाँ है। इन दोनों की कहानी बहुत ही इंट्रेस्टिंग और प्रेणादायक है।

यह दोनों मुंबई के एक बहुत ही मध्यमवर्गीय परिवार से है, बचपन से ही इन्हे कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग का शौक रहा है, दिव्यांक ने 13 साल की उम्र में अपने भाई के साथ मिलकर स्टॉक मार्केट सिमुलेशन गेम बनाया। इसके चलते उनका पढ़ाई से भी नाता टूट गया। पुरे दिन दोनों भाई मिलकर कोडिंग किया करते थे। जब दोनों भाइयों ने कोडिंग पर अपनी पकड़ जबरजस्त कर ली फिर अपना कारोबार शुरू करने की योजना बनाई।

लिया था 25 हजार रूपए का कर्ज

Turakhia Brothers story in hindi

सबसे बड़ी परेशानी थी शुरुवाती पूंजी, फिर उन्होंने अपने पिता को मनाया और फिर उनके पिता 25 हजार रुपये का कर्ज लेने को तैयार हुए। उस समय उन्हें बिलकुल अंदाजा नहीं था की वह 16 साल बाद अरबपति की गिनती में आएंगे। 16 साल की उम्र में अपने 18 साल के भाई भाविन तुरखिया के साथ मिलकर वेबसाइट के डोमेन नाम देने वाली कंपनी “डाइरेक्टी” की स्थापना की, इसके बाद “बिगरॉक” का जन्म हुआ जो एक डोमेन रजिस्टर कंपनी है।

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यह दोनों भाई यहीं नहीं रूखे, दोनों ने मिलकर साल 2001 में एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बनाया। और दोनों भाइयों ने मिलकर डायरेक्टी के नाम तले अब तक 11 स्टार्टअप कर चुके हैं जिसमे डायरेक्टी ग्रुप के 1000 कर्मचारी और 10 लाख ग्राहक हैं। अगर बात की जाए कंपनी की ग्रोथ की तो इसकी सालाना 120 फीसदी की दर हैं। दोनों भाइयों ने गूगल एडसेंस को टक्कर देने के लिए मीडिया डॉट नेट बनाया था। जिससे कई पब्लिशर्स और ऐड नेटवर्क और कई टेक कम्पनियां भी जुडी हैं। मीडिया डॉट नेट कंपनी न्यूयॉर्क, लॉस एंजिल्स, दुबई, ज्यूरिख, मुंबई और बेंगलौर से काम करती है। जिसमे 800 कर्मचारी काम करते हैं। अगर बात करे इसकी कमाई की तो मीडिया नेट ने पिछले साल 1,554 करोड़ कमाए थे।

90 करोड़ डॉलर में बेचीं कंपनी

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लेकिन कुछ वर्ष पूर्व ही मीडिया डॉट नेट कपंनी को एक चाइनीज समूह को 90 करोड़ डॉलर में बेचा हैं। जिसमे उन्होंने उन्होंने गूगल (एडमॉब को 75 करोड़ डॉलर में खरीद) और ट्विटर (35 करोड़ डॉलर में मोपब को खरीदा) को भी पीछे छोड़ दिया।

आपको जानकर हैरानी होगी की दोनों भाइयों के पास इंजीनियरिंग की डिग्री नहीं है लेकिन फिर भी दोनों बहुत ही अच्छे कोडर हैं। दोनों भाइयों ने बिना किसी के दम पर खुद अकेले ही इतना बड़ा कारोबार खड़ा कर लिया और आज तुरखिया भाइयों को “फर्स्ट इंडियन इंटरनेट आत्रप्रेन्योर्स” के रूप में जाना जाता हैं। अब आपको भी यह कहानी लगी न काफी प्रेरणादायक। तो हमे कमेंट बॉक्स में जरूर बताए की आपको इस कहानी को पढ़ कर केसा लगा।

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