किस्मत के आगे दुनिया का सबसे कीमती इंजेक्शन भी फेल – 16 करोड़ का इंजेक्शन लगाया मगर…

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आज के समय में विज्ञान ने मेडिकल के क्षेत्र में काफी तरक्की की है, जिसमे कैंसर से लेकर कोरोना महामारी तक का इलाज होना सम्भव हो पाया है। लेकिन कुछ बीमारिया आज भी ऐसी है, जिनका इलाज शायद सम्भव नहीं है। आज हम आपको एक ऐसी ही बीमारी के बारे में बताने जा रहे है, जिसकी जपेट में एक बच्ची है।

भाग्य के आगे विज्ञान ने भी टेके घुटने

Vedika

यह बच्ची महाराष्ट्र के पुणे से सटे पिंपरी-चिंचवड की रहने वाली वेदिका शिंदे है, जो स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी यानी SMA नाम की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थी, इसका कुछ समय पहले निधन हो गया, इस बच्ची को बचाने के लिए उसके माता पिता ने काफी कोशिश की और दुनिया का सबसे महंगा 16 करोड़ रुपये का इंजेक्शन लगाया था, लेकिन उसके बाद भी उसे नहीं बचाया जा सका। इस बीमारी के आगे दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन भी फेल हो गया। यह कहा जा सकता है, की भाग्य और प्रारब्ध जैसे सवालों के सामने विज्ञान आज भी घुटने टेक देता है।

16 करोड़ जुटाए

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अपने बच्चो को किसी भी मुसीबत से बचाने के लिए माँ बाप कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते है। और बात बीमारी की हो तो मां-बाप को किसी के आगे हाथ भी फैलाने पड़ें, वो संकोच नहीं करते हैं। वेदिका शिंदे के माता-पिता ने भी अपनी बच्ची को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की, एक साधारण परिवार के लिए 16 करोड़ रुपये की रकम का इंतजाम करना पहाड़ को तोड़ने से कम नहीं था। उन्होंने क्राउड फंडिंग समेत कई प्लेटफॉर्मों के सहारे लोगों से दान की अपील कर इस बीमारी के इलाज में जरूरी जोलगेन्स्मा (Zolgensma) के इंजेक्शन के लिए 16 करोड़ रुपये जुटाए।

जॉन अब्राहम ने भी की थी अपील

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शिरूर के सांसद अमोल कोल्हे ने लोकसभा में केंद्र सरकार से अमेरिका से आयात किए जाने वाले इस इंजेक्शन पर लगने वाले आयात शुल्क को माफ करने की मांग भी की थी। इसके साथ ही पैसे जुटाने के लिए बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम ने भी दान के जरिये इस रकम को जुटाने के लिए लोगों से अपील की थी। लेकिन इन तमाम कोशिशें करने बाद बच्ची को नहीं बचाया जा सका।

क्या है यह बीमारी

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक आनुवांशिक बीमारी है, जो बहुत ही दुर्लभ और जानलेवा होती है। इस बीमारी की वजह से मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, जिसकी वजह से बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। इससे बच्चो के शरीर का तंत्रिका तंत्र काम करना बंद कर देता है जिसके बढ़ने पर मौत हो सकती है।

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